बुधवार, 12 जून 2013

विशनोई का स्वागत

करडा डीगाव मे शुक्रवार को महीला कांग्रेस की अध्यक्ष विजय लक्षी विश्नोई के पहुचने पर समाज के लोगों की और से स्वागत किया गया ! सांचोर मे एक कार्यक्रम मे भाग लेने जाते समय वे डीगावे रुकी ! इस दौरान गंगाराम खिचड , फगलुराम खिचड, अर्जुन सियाक, तुलसाराम खिलेरी, मलाराम, जगदीश कुमार समेत काफी   संख्या मे समाजबन्धु उपस्थित थे !
डीगाव मे पहुचने पर ग्रामीणो ने स्वागत किया!

गुरुवार, 30 मई 2013

भाटीप में जंभेश्वर भगवान की साथरी के लिए किया भूमि पूजन

करड़ा. . ..     निकटवर्ती भाटीप गांव में मंगलवार को जंभेश्वर भगवान की साथरी निर्माण के लिए स्वामी भागीरथदास आचार्य के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर विश्रोई समुदाय के लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए समाज बंधुओं से सहयोग की बात कही। स्वामी भागीरथदास आचार्य ने समाज बंधुओं से समाज विकास में योगदान देने व नशा त्यागने की बात कही। इस अवसर पर लोगों को गुरुमंत्र से अभिमंत्रित पाहल देकर नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया। 
भाटीप गांव में जंभेश्वर साथरी के लिए भूमि पूजन करते संत व समाजबंधु। 

गुरुवार, 23 मई 2013

मीठी वाणी से पराए भी अपने हो जाते है : संत राजेंद्रानंद

भास्कर न्यूज करड़ा
शब्द संवारे बोलिए, शब्द हाथ के पांव, एक शब्द है औषधि, एक शब्द है घाव। यह यह बात विश्नोई समाज के संत राजेंद्रा नंद महाराज ने कोटड़ा गांव में बुधवार को सात दिवसीय जांभाणी हरि कथा ज्ञान यज्ञ में उपस्थित समाज बंधुओं को प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने वाणी पर संयम रखने की बात कहते हुए कहा कि वाणी के द्वारा किसी का सम्मान नहीं कर सकते, तो किसी का अपमान भी नहीं करना, वाणी के द्वारा किसी का आदर नहीं कर सकते तो अनादर भी मत करना, वाणी मीठी नहीं बोल सकते, तो कड़वी वाणी बोलते समय थोड़ा विचार करना। जिस प्रकार एक शब्द औषधि बन जाया करता है, एक शब्द सुख पहुंचाने वाला है, एक शब्द आराम देने वाला होता है, एक शब्द से आदमी संतुष्ट हो जाता है, शां&52द्भ;ति मिलती है अगर उस शब्द मेंं शालीनता, सभ्यता, सज्जनता के साथ वाणी मे मिठास हो। शब्दों से, वाणी से पराए लोंग अपने हो जाते है, और अपने पराए हो जाते हैं। शत्रु, मित्र हो जाता है और मित्र, शत्रु। उन्होंने सेवा के बारे में बताते हुए कहा कि सेवा से काया निरोगी होती है। जो हमेंशा लोगों की सेवा मे रहता है, वह कभी बीमार नहीं होता। उन्होंने कहा कि मन को पवित्र करना हो तो प्रभु का स्मरण किया करो। प्रभु स्मरण से शरीर से कष्ट मिटेगा। प्रवचन के दौरान कोटड़ा सहित आस-पास के गांवों से आए लोग मौजूद थे। 
कोटडा मे हरीकथा मे प्रवचन देते संत राजेन्द्रानन्द्जी !

कोटडा मे हरीकथा के दौरान मौजूद श्रद्वालु !

बुधवार, 22 मई 2013

जांभाणी हरिकथा में संत ने दिए प्रवचन

भास्कर न्यूज  करडा
कोटड़ा गांव में मंगलवार से सात दिवसीय जांभाणी हरिकथा शुरू हुई। कथा के पहले दिन विश्नोई समाज के संत राजेंद्रानंद ने भक्तों को प्रवचन देते हुए कहा, आम आदमी का प्राणी मात्र के प्रति दया व प्रेम भाव रखने से मानव मात्र का कल्याण होगा। उन्होंने कहा अपने व पराए की भावना का परित्याग करते हुए जीव मात्र के प्रति दया और प्रेम भाव से सौहार्द का वातावरण बनेगा तभी सभी का कल्याण होगा। उन्होंने झूठ, कपट, निंदा, वाद, मोह का परित्याग करते हुए प्राणी मात्र के प्रति दया का भाव रखते हुए परोपकार करने की बात कही। संत ने धूम्रपान की प्रवृति पर चिंता व्यक्त करते हुए इससे बचने की सलाह दी। संत ने कहा, माता-पिता का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देकर सुयोग्य नागरिक बनाएं। प्रतिदिन 12 से 4 बजे तक कथा का वाचन किया जा रहा है। हरिकथा का समापन 26 मई रविवार को होगा। उस दिन समाज बंधु गुरुमंत्र से निर्मित पाहल ग्रहण कर नशावृति का त्याग करेंगे।
जाम्भाणी हरिकथा मैं प्रवचन देते राजेन्द्रनन्द महाराज

जाम्भाणी हरिकथा मै मौजुद लोग 
    

गुरुवार, 19 अप्रैल 2012

खेजड़ी की कटाई पर विश्नोई समाज ने जताया रोष

भास्कर न्यूज -!-  करड़ा 
निकटवर्ती वाडाभाडवी व पुनासा में पिछले कुछ दिनों से खेजड़ी के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। जिसके बाद विश्नोई समाज ने आक्रोश जताया है। विश्नोई समाज की बैठक बुधवार को जंभेश्वर मंदिर वाडाभाडवी में हुई। जिसमें पुनासा सरपंच ठाकराराम विश्नोई ने बताया कि करीब एक माह से पुनासा व वाडाभाडवी में खेजड़ी के पेड़ों को काटकर बेचा जा रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन व पुलिस को भी अवगत करवा दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। किसान नेता रामकिशन विश्नोई ने बताया कि खेजड़ी के पेड़ की रक्षा के लिए विश्नोई समाज के 365 लोगों ने जान दे दी थी। इसलिए खेजड़ी के पेड़ का विशेष महत्व है। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा खेतों में खड़े हरे पेड़ों को काटकर बेचा जा रहा है। जिसको लेकर समाज में भारी आक्रोश है। श्याम खिलेरी ने बताया कि इस मामले में प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो समाज द्वारा जिलेभर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

फाइलों में अटके लाखों रुपए

भास्कर न्यूज -!- करड़ा

डीगांव स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय की जर्जर स्थिति को देखते हुए पशुधन विकास बोर्ड की ओर से बीते साल जारी की गई लाखों की स्वीकृति अभी तक फाइलों में ही अटकी पड़ी है। इस राशि के उपयोग को लेकर कार्यकारी एजेंसी को विभाग ने कई बार अवगत भी कराया, लेकिन अभी तक इस भवन की दशा सुधर नहीं पाई है। ऐसे में अगर समय रहते इस राशि का उपयोग नहीं किया तो इसका बजट भी लैप्स हो सकता है।

जानकारी के अनुसार पशुधन विकास बोर्ड की ओर से बीते साल इस पशु चिकित्सालय भवन के पुनरुद्धार, मरम्मत, चार दीवारी निर्माण व पेयजल टांका समेत विभिन्न कार्यों के लिए 10 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई थी। साथ इस कार्य के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग का कार्यकारी एजेंसी बनाई गई थी, लेकिन स्वीकृति जारी होने से लेकर अब तक कई बार पशुपालन विभाग की ओर से कार्यकारी एजेंसी को अवगत कराया गया। साथ ही कार्य का तकमीना बनाकर भी भेजा गया। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में एजेंसी की ओर से निर्माण कार्य को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और भवन की स्थिति दिनों दिन जर्जर होती जा रही है। वहीं जर्जर भवन के कारण चिकित्साकर्मियों को भी काफी परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि जल्द ही निर्माण कार्य नहीं किया गया तो बारिश के मौसम में स्थिति काफी विकट हो जाएगी। भवन पुराना होने से बारिश के समय छतें टपकती रहती हैं। साथ ही दरवाजे भी टूट चुके हैं। इस स्थिति में भवन हमेशा खुला ही रहता है।
सालों पहले बना था भवन : जानकारी के अनुसार डीगांव स्थित पशु चिकित्सालय भवन वर्ष 1993 में जवाहर रोजगार योजना के तहत बनाया गया था। इसके अलावा इस भवन की चारदीवारी का कार्य भी अधूरा ही पड़ा है। ऐसे में यहां कार्यरत चिकित्साकर्मियों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं बारिश के समय छत टपकने से भवन में बैठना भी उनके लिए दूभर है।

इनका कहना
                           ॥भवन पुराना होने से काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है व दरवाजे भी टूट चुके हैं। जिसके चलते काफी परेशानी होती है। गत वर्ष पशुपालन विभाग की ओर से 10 लाख रुपए भवन मरम्मत व पुनरुद्धार के लिए स्वीकृत हुए थे। साथ ही पीडब्ल्यूडी को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने अभी तक इस कार्य का तकमीना नहीं बनाया है। जिससे निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है।
                                                    डां. वी.पी. सिंह, चिकित्सा प्रभारी, पशु चिकित्सालय, डीगांव

रविवार, 15 अप्रैल 2012

जांभाणी हरिकथा

जंभेश्वर मंदिर वाडाभाडवी में रविवार से सात दिवसीय जांभाणी हरिकथा का आयोजन होगा। जिसमें स्वामी भागीरथदास शास्त्री की ओर से हरिकथा का वाचन किया जाएगा। इस अवसर पर स्वामी माधवाचार्य, कालूराम और चैनप्रकाश सहित बड़ी संख्या में विश्नोई समाज के लोग भाग लेंगे।

रविवार, 6 नवंबर 2011

ईश्वर करता है अच्छे व्यक्ति की मदद : कृपाचार्य

भास्कर न्यूज  करडा
नगर के समीपवर्ती कमालपुरा में श्री गुरु जंभेश्वर बणीधाम सेवा संस्थान के तत्वावधान में चल रही जांभाणी सत्संग कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथावाचक स्वामी कृपाचार्य ने जांभोजी की बाललीलाओ का मार्मिक चित्रण करते हुए कहा कि जांभोजी ने समराथल धोरे पर पाहल बनाकर विश्नोई समाज की स्थापना की। उन्होंने कहा कि संसार में प्राणी मात्र के कल्याण के लिये भगवान इस पृथ्वी पर स्वयं मनुष्य के रूप में प्रकट होकर अधर्म, अन्याय और पाप का नाश कर संसार को सदमार्ग का रास्ता बताते हंै, उन्होंने कहा कि आज से करीब साढ़े पांच सौ साल पूर्व जब अशिक्षा की वजह से अन्याय, अत्याचार, ढोंग, अंधविश्वास सहित विविध कुरीतियों से समाज जकड़ा था, ऐसी परिस्थति में जांभोजी ने मरूभूमि पर अवतार लेकर धर्म की स्थापना कर 29 नियमों की संहिता बनाई। इस अवसर स्वामी भागीरथदास शिक्षा शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को हर वक्त भगवान का स्मरण करना चाहिये। इस अवसर पर पृथ्वीराज खीचड़, शिवराज जाखड़, बद्रीप्रसाद पंवार, रामनिवास, अजय मांजू, गंगाराम पूनिया, लाबूराम सारण, हुकमाराम,फगलूराम , गगाराम ,हनुमानाराम  और प्रहलादराम सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद थे।

चरित्र बनाता है व्यक्ति को समृद्ध : कृपाचार्य

भास्कर न्यूज करडा 
चरित्र व शीलवान व्यक्ति यश और समृद्धशाली होता है, परिवार और आदर्श समाज के लिए बालकों को चरित्रवान संस्कार देकर समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है। यह बात निकटवर्ती कमालपुरा में जांभाणी सत्संग ज्ञान यज्ञ कथा के पांचवे दिन बणीधाम के स्वामी कृपाचार्य ने कथा वाचन करते हुए कही। उन्होंने कहा कि समाज में रहने वाले व्यक्ति ने अगर धन खो दिया है कुछ भी नहीं खोया, स्वास्थ्य खो दिया है, तो कुछ खोया है, अगर चरित्र खो दिया है, तो समझो सबकुछ खो दिया। उन्होंने चरित्रहीनता की तुलना मोठ मेें पड़े घुन से करते हुए कहा कि जिस पर घुन पड़ा हुआ थोथा दाना कोई काम नहीं उसी प्रकार चरित्र के अभाव में व्यक्ति खोखला हो जाता है, रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण जैसे बुद्धीजीवी राजा जो सोने की नगरी पर राज करता था। स्वयं यमराज भी उसके वश में थे, लेकिन चरित्र हनन होते ही उसका भी पतन हो गया। उन्होंने जीवन में शील को धारण करने की बात कहते हुए कहा कि शील से गुणवान व्यक्ति ईष्र्या, कामना और लालच से मुक्त रहकर चरित्र उत्थान में परिपक्व होता है। उन्होंने जांभोजी द्वारा प्रतिपादित जीव दया पालणी रूंख लीलो नहीं घावे...की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान जंभेश्वर ने आज से साढ़े पांच सौ वर्ष पूर्व वृक्षों एवं पर्यावरण की रक्षा का संदेश देते हुए कहा कि पेड़-पौधे प्रकृति के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। इस अवसर पर स्वामी भागीरथदास शिक्षा शास्त्री ने आशीर्वचन कहे। इस मोके पर यजमान डॉ. बाबूलाल जांणी, फगलूराम खीचड़, बाबूलाल डारा, दूदू सरपंच महिपाल भादू, रमेश राहड़ अध्यक्ष अखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा, वृक्ष मित्र साहबराम विश्नोई, हनुमान जांणी, पंचायत समिति सदस्य हीराराम पुरोहित, पूर्व प्रधान सुखराम विश्नोई, तेजाराम विश्नोई, पार्षद बीरबल पूनीया सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
बणीधाम के स्वामी कृपाचार्य द्वारा पिछले पांच दिन से की जा रही जांभाणी कथा ज्ञान यज्ञ में भक्तिरस धारा से श्रद्धा का ज्वार उमड़ रहा है। कथावाचन के साथ-साथ मधुर भक्तिगीतों पर श्रद्धालु झूम रहे हंै। कथा में भाग लेने के लिये क्षेत्र सहित पंजाब, हरियाणा व राज्य के अन्य जिलों से श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है।

पर्यावरण को बचाना पहली प्राथमिकता : विश्नोई

भास्कर न्यूज करडा 
देशभर में पर्यावरण और वन्य प्राणियों की रक्षा के लिए कार्य कर आमजन में जागरूकता व हरे पेड़ों को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है, यह बात अखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कुमार विश्नोई ने प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जीव रक्षा सभाक्षेत्र पश्चिम राजस्थान सहित देश में पर्यावरण को बचाने, आमजन में जागरूकता पैदा करने व जीव रक्षा सभा को मजबूत करने के लिए कार्यकारिणी का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि शिवराज विश्नोई जाखड़ को राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष, रामनिवास पूनिया प्रदेश सचिव नियुक्त किया 
गया। 
इसी प्रकार तमिलनाडू प्रदेश अध्यक्ष पद पर गंगाराम विश्नोई खीचड़ को नियुक्त किया गया, जालोर जिलाध्यक्ष पद पर मोहनलाल कालीराणा, चुरू जिलाध्यक्ष पद पर रामचन्द्र जाट, जैसलमेर जिलाध्यक्ष पद पर किसनाराम विश्नोई मदासर, बीकानेर की श्रीडूंगरगढ़ तहसील अध्यक्ष पद पर राकेश खीचड़, कोलायत तहसील अध्यक्ष भाखराराम खीचड़ को नियुक्त किया गया, नवनियुक्त पदाधिकारियों को इस अवसर पर पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर वृक्ष मित्र के राष्ट्रीय महामंत्री साहबराम विश्नोई, बणीधाम के स्वामी कृपाचार्य, स्वामी भागीरथ दास शिक्षा शास्त्री सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, इस अवसर पर उन्होंने गोहत्या बंद करने की मांग करते हुए गोरक्षा के लिए अभियान चलाने की बात कही।

बुधवार, 31 अगस्त 2011

मनुष्य जीवन तत्वज्ञान की प्राप्ति के लिए

भास्कर न्यूज. karda
परमपिता परमात्मा की कृपा का परिणाम से यह मानव तन इस जीवन को मिला है यह तत्वज्ञान की प्राप्ति के लिए ही है क्योकि अन्य योनियों से मनुष्य की विलक्षणता इसी योग्यता में है। यह विचार आचार्य संत डॉ. गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री ने गुरू जम्भेश्वर मदिर सरनाऊ में चल रही विराट जांभाणी हरिकथा के तीसरे दिन व्यक्त किये।
आचार्यजी ने कहा कि मनुष्य होकर मुमुक्षु होना यह दूसरी दुर्लभ वस्तु है। परमपिता परमात्मा की कृपा से ही मनुष्य के मन में अद्वेत की वासना का उदय होता है। उन्होंने श्रीमद्भगवतगीता का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान वासुदेव गीता में इसी बात को कहते हंै कि हजारों मनुष्यो में भी कोई ईश्वर प्राप्ति के लिए प्रयत्न करता है और उन पर हजारों सिद्वों में से किसी को ही तत्वज्ञान होता है।

मेले में उमड़े श्रद्धालु

भास्कर न्यूज . karda
निकटवर्ती मालवाड़ा में जन्माष्टमी पर्व पर मंहत सुखदेव मुनि व हनुमानदास के सानिध्य में गुरू जंभेश्वर भगवान के विशाल मेले का आयोजन हुआ।
मेले की पूर्व संध्या पर रविवार को रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। जिसमें मंहत हनुमानदास सहित कई कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। मेले के दौरान सवेरे गुरू जंभेश्वर के बताए शब्दों से यज्ञ कर पाहल किया गया। समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में मेले में भाग लेकर पाहल ग्रहण कर नशा प्रवृति को त्यागने का संकल्प लिया। इस दौरान आयोजित धर्मसभा में महंत सुखदेव मुनि ने लोगों से नशा प्रवृति व बुराइयों को त्यागने का आह्वान किया। महंत हनुमानदास ने समाज में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षित नारी ही समाज का असली दर्पण है। इसी प्रकार निकटवर्ती सरनाऊ में चल रही हरिकथा में आचार्य गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री ने कहा कि परमपिता परमात्मा वह सत्य नाम है जो तीनों कालों में बदला नही जा सकता एवं नही उसका कभी अभाव होता है। आचार्य ने कहा कि किसी भी मंत्र को जपने पर शंका होती है तो उन्हें सार्थक लाभ प्राप्त नहीं होता है। उन्होंने कृष्ण भगवान व गुरू जंभेश्वर की जन्म लीला का वर्णन कर वातावरण को धर्ममय बना दिया। इस अवसर पर पूर्व आईजी उम्मेदाराम विश्नोई ने कहा कि जो व्यक्ति अपने धर्म के अनुसार आचरण नहीं करता है वह कभी अपने जीवन में सफल नहीं होता है और ना हीं उसकी मुक्ति होती है। इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष भीयाराम, वरिगांराम, हीरालाल, सुजानाराम भादू, मुकनाराम और सुरजन जाणी सहित बड़ी संख्या समाज के लोग मौजूद थे।

आज भरा जाएगा विशाल मेला
सरनाऊ स्थित जंभेश्वर मंदिर में मंगलवार को विशाल मेला भरा जायेगा। मेले की पूर्व संध्या पर रात्रि को विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया एवं मेले के दिन सवेरे भगवान जंभेश्वर के बताये 120 शब्दों से हवन कर पाहल किया जायेगा। इस दौरान मेले में आयोजित धर्मसभा में पृूर्व मानिटरिंग सलाहकार लादुराम विश्नोई, पूर्व प्रधान सुखराम विश्नोई, पीसीसी सदस्य व भामाशाह मोहन कुमार विश्नोई, भीखाराम विश्नोई, महंत चेतनदास पुर और जनजागरण मंच तहसील अध्यक्ष सुरजनराम साहू सहित बड़ी संख्या में विश्नोई समाज के लोग भाग लेंगे।
करड़ा. विश्नोई समाज के आराध्य देव जम्भेश्वर भगवान की जन्माष्टमी सोमवार को समाज बंधुओं द्वारा धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर डीगांव स्थित जम्भेश्वर भगवान मंदिर में भजन कीर्तन कार्यक्रम हुआ। जिसमें महिलाओं ने भजन कीर्तन कर दान पुण्य किया। इस अवसर पर समाजबंधुओं द्वारा जम्भेश्वर भगवान द्वारा प्रतिपादित १२० शब्दों का पाठ कर गुरूमंत्र से निर्मित पाहल को ग्रहण किया।

बुराइयां त्यागने का संकल्प

भास्कर न्यूज. karda
निकटवर्ती सरनाऊ में गुरु जंभेश्वर भगवान का विशाल मेला भरा गया। जिसमें विश्नोई समाज के सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया। सात दिवसीय हरिकथा के समापन पर आयोजित मेले की पूर्व संध्या पर कलाकारों द्वारा साखि व भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। मेले को लेकर मंगलवार सवेरे 120 शब्दों से यज्ञ कर पाहल किया गया। विश्नोई समाज के लोगों ने पाहल लेकर बुराइयों को त्यागने व हरे वृक्ष नहीं काटने का संकल्प लिया। इस मौके आयोजित धर्मसभा में लोगो को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधान सुखराम विश्नोई ने समाज के विकास में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। पूर्व आईजी उम्मेदाराम विश्नोई ने समाज के लोगों से समाज में फैली कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। आचार्य गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री ने संस्कारित समाज स्थापना की बात कही। इस मौके भामाशाह मोहन कुमार ने युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढऩे एवं उच्च शैक्षिक संस्थानों की स्थापना पर जोर दिया। जन जागरण मंच सांचौर के अध्यक्ष सुरजनराम साहू ने समाज सुधार के लिए गठित कमेटियों के कार्यों को सुचारू बनाने की अपील की। इस दौरान प्रसादी का वितरण भगवानाराम एवं मंच संचालन हीरालाल विश्नोई ने किया। इस अवसर पर भींयाराम, जगरामाराम, चिमाराम खिलेरी, भागीरथराम मांजू, रतनलाल मांजु, अमलुराम डारा, पूर्व सरपंच वरिंगाराम, भाकचंदराम गोदारा, धोलाराम डारा और रामकिशन खिलेरी सहित बड़ी संख्या में विश्नोई समाज के लोग मौजूद थे।

यज्ञ से होती है विचारों की शुद्धि : स्वामी रामानंद

भास्कर न्यूज. karda
निकटवर्ती करावड़ी गांव में सात दिवसीय हरिकथा के समापन समारोह के दौरान गुरू जंभेश्वर भगवान का विराट मेले का भरा गया। इस दौरान जंभसार ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लेकर भगवान जंभेश्वर की 120 शब्दवाणी से बना पाहल ग्रहण कर बुराइयों को त्यागने का संकल्प लिया।
इस मौके स्वामी रामानंद ने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता साथ ही तन के साथ मन को शुद्ध रखने से विचारों की शुद्धि होती है। उसी प्रकार पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए यज्ञ आवश्यक है। उन्होंने यज्ञ की उपयोगिता पर विचार व्यक्त करते हुए लोगों से अपने घरों में यज्ञ करने का आह्वान किया। अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के पूर्व अध्यक्ष व सांचौर के पूर्व विधायक हीरालाल विश्नोई ने समाज के विकास को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए समाज में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। विश्नोई ने कहा कि शिक्षित नारी ही समाज का असली दर्पण है। पूर्व मॉनिटरिंग सलाहकार लादूराम विश्नोई ने समाज के विकास के लिए बालकों को गुणवत्तापूर्ण व आचरण युक्त शिक्षा देने पर बल दिया। वहीं पूर्व प्रधान सुखराम विश्नोई ने समाज के विकास के लिए आम आदमी को आगे आने का आह्वान किया। इस दौरान मेले की पूर्व संध्या पर रविवार रात्रि को विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें संत मंडली द्वारा गुरू जंभेश्वर की साखी व भजनों की प्रस्तुति से वातावरण को धर्ममय बना दिया। वहीं सोमवार को पूर्णाहुति के दौरान गुरू जंभेश्वर भगवान के नवनिर्मित मंदिर की प्रतिष्ठा के तहत मंदिर के शिखर पर कलश स्थापित कर ध्वजा चढ़ाई गई। इस अवसर पर संत रतीराम महाराज, शांतिराम महाराज, रामकृष्ण मुकाम, हनुमान दास मेघावा, हरिराम विश्नोई, रामगोपाल धायल और भाखराराम मांजू सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु मौजूद थे।
अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
भंवरानी. कस्बे के भीम तालाब पर सोमवार को सोमवती अमावस्या को लेकर तालाब में मौन रहकर डुबकी लगाई। साथ ही जलीय जीव जंतुओं को चुग्गा देकर पुण्य कमाया। श्रद्धालुओं ने सोमवती अमावस्या को लेकर आपेश्वर व निकट के पाण्डेश्वर महादेव कर परिवार के खुशहाली की कामना की। अमावस्या को लेकर इन दोनों मंदिरों में सवेरे से ही श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। वहीं भीम तालाब में नहाकर भी श्रद्धालुओं ने पुण्य कमाया। इस मौके काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

कलश यात्रा निकाली

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निकटवर्ती धमाणा का गोलिया स्थित अखिल भारतीय अमृतादेवी पर्यावरण संस्थान के तत्वावधान में होने वाली जम्भसार ज्ञान कथा महोत्सव के प्रथम दिन कलश यात्रा निकाली गई, वहीं गांव के मुख्य मार्गोंे से प्रभात फेरी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, इस अवसर पर मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद को श्रीफल, शॉल भेंट कर सम्मान किया गया, वहीं जांभा महन्त स्वामी रतिराम महाराज का भी श्रीफल शॉल से सम्मान किया गया। इस अवसर पर विश्नोई समाज के बड़ी संख्या में पुरूष, महिलाएं मौजूद थे।
पर्यावरण के लिये पेड़ों को बचाएं
सांचौर. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि पेड़ो को बचाया जाए। विश्नोई समाज के धर्मगुरु एवं मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद ने निकटवर्ती धमाणा का गोलिया स्थित अमृतादेवी उद्यान एवं पर्यावरण संस्थान में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही। आचार्य रामानंद ने कहा कि पर्यावरण व प्रकृति के बीच संतुलन होना अनिवार्य है, जब पर्यावरण का संतुलन बिगडऩे लगेगा तो प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाएं होती हैं, उन्होंनेे प्रकृति एवं पर्यावरण को बचाने के लिये अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाकर इस पुनित कार्य में आमजन की भागीदारी का आह्वान किया। आचार्य स्वामी रामानंद ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण के महत्व के बारे में आने वाली पीढी को विस्तार से जानकारी दी जाए।

कलश यात्रा निकाली

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निकटवर्ती धमाणा का गोलिया स्थित अखिल भारतीय अमृतादेवी पर्यावरण संस्थान के तत्वावधान में होने वाली जम्भसार ज्ञान कथा महोत्सव के प्रथम दिन कलश यात्रा निकाली गई, वहीं गांव के मुख्य मार्गोंे से प्रभात फेरी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, इस अवसर पर मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद को श्रीफल, शॉल भेंट कर सम्मान किया गया, वहीं जांभा महन्त स्वामी रतिराम महाराज का भी श्रीफल शॉल से सम्मान किया गया। इस अवसर पर विश्नोई समाज के बड़ी संख्या में पुरूष, महिलाएं मौजूद थे।
पर्यावरण के लिये पेड़ों को बचाएं
सांचौर. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि पेड़ो को बचाया जाए। विश्नोई समाज के धर्मगुरु एवं मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद ने निकटवर्ती धमाणा का गोलिया स्थित अमृतादेवी उद्यान एवं पर्यावरण संस्थान में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही। आचार्य रामानंद ने कहा कि पर्यावरण व प्रकृति के बीच संतुलन होना अनिवार्य है, जब पर्यावरण का संतुलन बिगडऩे लगेगा तो प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाएं होती हैं, उन्होंनेे प्रकृति एवं पर्यावरण को बचाने के लिये अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाकर इस पुनित कार्य में आमजन की भागीदारी का आह्वान किया। आचार्य स्वामी रामानंद ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण के महत्व के बारे में आने वाली पीढी को विस्तार से जानकारी दी जाए।

कलश यात्रा निकाली

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निकटवर्ती धमाणा का गोलिया स्थित अखिल भारतीय अमृतादेवी पर्यावरण संस्थान के तत्वावधान में होने वाली जम्भसार ज्ञान कथा महोत्सव के प्रथम दिन कलश यात्रा निकाली गई, वहीं गांव के मुख्य मार्गोंे से प्रभात फेरी का कार्यक्रम आयोजित हुआ, इस अवसर पर मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद को श्रीफल, शॉल भेंट कर सम्मान किया गया, वहीं जांभा महन्त स्वामी रतिराम महाराज का भी श्रीफल शॉल से सम्मान किया गया। इस अवसर पर विश्नोई समाज के बड़ी संख्या में पुरूष, महिलाएं मौजूद थे।
पर्यावरण के लिये पेड़ों को बचाएं
सांचौर. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि पेड़ो को बचाया जाए। विश्नोई समाज के धर्मगुरु एवं मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद ने निकटवर्ती धमाणा का गोलिया स्थित अमृतादेवी उद्यान एवं पर्यावरण संस्थान में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही। आचार्य रामानंद ने कहा कि पर्यावरण व प्रकृति के बीच संतुलन होना अनिवार्य है, जब पर्यावरण का संतुलन बिगडऩे लगेगा तो प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाएं होती हैं, उन्होंनेे प्रकृति एवं पर्यावरण को बचाने के लिये अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाकर इस पुनित कार्य में आमजन की भागीदारी का आह्वान किया। आचार्य स्वामी रामानंद ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण के महत्व के बारे में आने वाली पीढी को विस्तार से जानकारी दी जाए।

आरएएस मे विश्नोई की 63वीं रैंक

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राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2010 में उपखण्ड क्षेत्र के सांकड़ गांव के प्रकाश विश्नोई पुत्र भीखाराम विश्नोई का प्रथम प्रयास में 63वीं रेंक में चयन होने पर परिवार व मित्रजनों ने खुशी जाहिर की। इस दौरान विश्नोई के परिजनों व मित्रगण ने उन्हे बधाई देकर मुंह मीठा करवाया। विश्नोई वर्तमान में राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय सिवाड़ा में अध्यापक पद पर कार्यरत हैं। विश्नोई के पिता पेशे से टैक्सी ड्राईवर हैं।