रविवार, 6 नवंबर 2011

ईश्वर करता है अच्छे व्यक्ति की मदद : कृपाचार्य

भास्कर न्यूज  करडा
नगर के समीपवर्ती कमालपुरा में श्री गुरु जंभेश्वर बणीधाम सेवा संस्थान के तत्वावधान में चल रही जांभाणी सत्संग कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथावाचक स्वामी कृपाचार्य ने जांभोजी की बाललीलाओ का मार्मिक चित्रण करते हुए कहा कि जांभोजी ने समराथल धोरे पर पाहल बनाकर विश्नोई समाज की स्थापना की। उन्होंने कहा कि संसार में प्राणी मात्र के कल्याण के लिये भगवान इस पृथ्वी पर स्वयं मनुष्य के रूप में प्रकट होकर अधर्म, अन्याय और पाप का नाश कर संसार को सदमार्ग का रास्ता बताते हंै, उन्होंने कहा कि आज से करीब साढ़े पांच सौ साल पूर्व जब अशिक्षा की वजह से अन्याय, अत्याचार, ढोंग, अंधविश्वास सहित विविध कुरीतियों से समाज जकड़ा था, ऐसी परिस्थति में जांभोजी ने मरूभूमि पर अवतार लेकर धर्म की स्थापना कर 29 नियमों की संहिता बनाई। इस अवसर स्वामी भागीरथदास शिक्षा शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को हर वक्त भगवान का स्मरण करना चाहिये। इस अवसर पर पृथ्वीराज खीचड़, शिवराज जाखड़, बद्रीप्रसाद पंवार, रामनिवास, अजय मांजू, गंगाराम पूनिया, लाबूराम सारण, हुकमाराम,फगलूराम , गगाराम ,हनुमानाराम  और प्रहलादराम सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद थे।

चरित्र बनाता है व्यक्ति को समृद्ध : कृपाचार्य

भास्कर न्यूज करडा 
चरित्र व शीलवान व्यक्ति यश और समृद्धशाली होता है, परिवार और आदर्श समाज के लिए बालकों को चरित्रवान संस्कार देकर समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है। यह बात निकटवर्ती कमालपुरा में जांभाणी सत्संग ज्ञान यज्ञ कथा के पांचवे दिन बणीधाम के स्वामी कृपाचार्य ने कथा वाचन करते हुए कही। उन्होंने कहा कि समाज में रहने वाले व्यक्ति ने अगर धन खो दिया है कुछ भी नहीं खोया, स्वास्थ्य खो दिया है, तो कुछ खोया है, अगर चरित्र खो दिया है, तो समझो सबकुछ खो दिया। उन्होंने चरित्रहीनता की तुलना मोठ मेें पड़े घुन से करते हुए कहा कि जिस पर घुन पड़ा हुआ थोथा दाना कोई काम नहीं उसी प्रकार चरित्र के अभाव में व्यक्ति खोखला हो जाता है, रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण जैसे बुद्धीजीवी राजा जो सोने की नगरी पर राज करता था। स्वयं यमराज भी उसके वश में थे, लेकिन चरित्र हनन होते ही उसका भी पतन हो गया। उन्होंने जीवन में शील को धारण करने की बात कहते हुए कहा कि शील से गुणवान व्यक्ति ईष्र्या, कामना और लालच से मुक्त रहकर चरित्र उत्थान में परिपक्व होता है। उन्होंने जांभोजी द्वारा प्रतिपादित जीव दया पालणी रूंख लीलो नहीं घावे...की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान जंभेश्वर ने आज से साढ़े पांच सौ वर्ष पूर्व वृक्षों एवं पर्यावरण की रक्षा का संदेश देते हुए कहा कि पेड़-पौधे प्रकृति के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। इस अवसर पर स्वामी भागीरथदास शिक्षा शास्त्री ने आशीर्वचन कहे। इस मोके पर यजमान डॉ. बाबूलाल जांणी, फगलूराम खीचड़, बाबूलाल डारा, दूदू सरपंच महिपाल भादू, रमेश राहड़ अध्यक्ष अखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा, वृक्ष मित्र साहबराम विश्नोई, हनुमान जांणी, पंचायत समिति सदस्य हीराराम पुरोहित, पूर्व प्रधान सुखराम विश्नोई, तेजाराम विश्नोई, पार्षद बीरबल पूनीया सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
बणीधाम के स्वामी कृपाचार्य द्वारा पिछले पांच दिन से की जा रही जांभाणी कथा ज्ञान यज्ञ में भक्तिरस धारा से श्रद्धा का ज्वार उमड़ रहा है। कथावाचन के साथ-साथ मधुर भक्तिगीतों पर श्रद्धालु झूम रहे हंै। कथा में भाग लेने के लिये क्षेत्र सहित पंजाब, हरियाणा व राज्य के अन्य जिलों से श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है।

पर्यावरण को बचाना पहली प्राथमिकता : विश्नोई

भास्कर न्यूज करडा 
देशभर में पर्यावरण और वन्य प्राणियों की रक्षा के लिए कार्य कर आमजन में जागरूकता व हरे पेड़ों को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है, यह बात अखिल भारतीय जीव रक्षा विश्नोई सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कुमार विश्नोई ने प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जीव रक्षा सभाक्षेत्र पश्चिम राजस्थान सहित देश में पर्यावरण को बचाने, आमजन में जागरूकता पैदा करने व जीव रक्षा सभा को मजबूत करने के लिए कार्यकारिणी का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि शिवराज विश्नोई जाखड़ को राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष, रामनिवास पूनिया प्रदेश सचिव नियुक्त किया 
गया। 
इसी प्रकार तमिलनाडू प्रदेश अध्यक्ष पद पर गंगाराम विश्नोई खीचड़ को नियुक्त किया गया, जालोर जिलाध्यक्ष पद पर मोहनलाल कालीराणा, चुरू जिलाध्यक्ष पद पर रामचन्द्र जाट, जैसलमेर जिलाध्यक्ष पद पर किसनाराम विश्नोई मदासर, बीकानेर की श्रीडूंगरगढ़ तहसील अध्यक्ष पद पर राकेश खीचड़, कोलायत तहसील अध्यक्ष भाखराराम खीचड़ को नियुक्त किया गया, नवनियुक्त पदाधिकारियों को इस अवसर पर पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर वृक्ष मित्र के राष्ट्रीय महामंत्री साहबराम विश्नोई, बणीधाम के स्वामी कृपाचार्य, स्वामी भागीरथ दास शिक्षा शास्त्री सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, इस अवसर पर उन्होंने गोहत्या बंद करने की मांग करते हुए गोरक्षा के लिए अभियान चलाने की बात कही।