गुरुवार, 30 मई 2013

भाटीप में जंभेश्वर भगवान की साथरी के लिए किया भूमि पूजन

करड़ा. . ..     निकटवर्ती भाटीप गांव में मंगलवार को जंभेश्वर भगवान की साथरी निर्माण के लिए स्वामी भागीरथदास आचार्य के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर विश्रोई समुदाय के लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए समाज बंधुओं से सहयोग की बात कही। स्वामी भागीरथदास आचार्य ने समाज बंधुओं से समाज विकास में योगदान देने व नशा त्यागने की बात कही। इस अवसर पर लोगों को गुरुमंत्र से अभिमंत्रित पाहल देकर नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया। 
भाटीप गांव में जंभेश्वर साथरी के लिए भूमि पूजन करते संत व समाजबंधु। 

गुरुवार, 23 मई 2013

मीठी वाणी से पराए भी अपने हो जाते है : संत राजेंद्रानंद

भास्कर न्यूज करड़ा
शब्द संवारे बोलिए, शब्द हाथ के पांव, एक शब्द है औषधि, एक शब्द है घाव। यह यह बात विश्नोई समाज के संत राजेंद्रा नंद महाराज ने कोटड़ा गांव में बुधवार को सात दिवसीय जांभाणी हरि कथा ज्ञान यज्ञ में उपस्थित समाज बंधुओं को प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने वाणी पर संयम रखने की बात कहते हुए कहा कि वाणी के द्वारा किसी का सम्मान नहीं कर सकते, तो किसी का अपमान भी नहीं करना, वाणी के द्वारा किसी का आदर नहीं कर सकते तो अनादर भी मत करना, वाणी मीठी नहीं बोल सकते, तो कड़वी वाणी बोलते समय थोड़ा विचार करना। जिस प्रकार एक शब्द औषधि बन जाया करता है, एक शब्द सुख पहुंचाने वाला है, एक शब्द आराम देने वाला होता है, एक शब्द से आदमी संतुष्ट हो जाता है, शां&52द्भ;ति मिलती है अगर उस शब्द मेंं शालीनता, सभ्यता, सज्जनता के साथ वाणी मे मिठास हो। शब्दों से, वाणी से पराए लोंग अपने हो जाते है, और अपने पराए हो जाते हैं। शत्रु, मित्र हो जाता है और मित्र, शत्रु। उन्होंने सेवा के बारे में बताते हुए कहा कि सेवा से काया निरोगी होती है। जो हमेंशा लोगों की सेवा मे रहता है, वह कभी बीमार नहीं होता। उन्होंने कहा कि मन को पवित्र करना हो तो प्रभु का स्मरण किया करो। प्रभु स्मरण से शरीर से कष्ट मिटेगा। प्रवचन के दौरान कोटड़ा सहित आस-पास के गांवों से आए लोग मौजूद थे। 
कोटडा मे हरीकथा मे प्रवचन देते संत राजेन्द्रानन्द्जी !

कोटडा मे हरीकथा के दौरान मौजूद श्रद्वालु !

बुधवार, 22 मई 2013

जांभाणी हरिकथा में संत ने दिए प्रवचन

भास्कर न्यूज  करडा
कोटड़ा गांव में मंगलवार से सात दिवसीय जांभाणी हरिकथा शुरू हुई। कथा के पहले दिन विश्नोई समाज के संत राजेंद्रानंद ने भक्तों को प्रवचन देते हुए कहा, आम आदमी का प्राणी मात्र के प्रति दया व प्रेम भाव रखने से मानव मात्र का कल्याण होगा। उन्होंने कहा अपने व पराए की भावना का परित्याग करते हुए जीव मात्र के प्रति दया और प्रेम भाव से सौहार्द का वातावरण बनेगा तभी सभी का कल्याण होगा। उन्होंने झूठ, कपट, निंदा, वाद, मोह का परित्याग करते हुए प्राणी मात्र के प्रति दया का भाव रखते हुए परोपकार करने की बात कही। संत ने धूम्रपान की प्रवृति पर चिंता व्यक्त करते हुए इससे बचने की सलाह दी। संत ने कहा, माता-पिता का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देकर सुयोग्य नागरिक बनाएं। प्रतिदिन 12 से 4 बजे तक कथा का वाचन किया जा रहा है। हरिकथा का समापन 26 मई रविवार को होगा। उस दिन समाज बंधु गुरुमंत्र से निर्मित पाहल ग्रहण कर नशावृति का त्याग करेंगे।
जाम्भाणी हरिकथा मैं प्रवचन देते राजेन्द्रनन्द महाराज

जाम्भाणी हरिकथा मै मौजुद लोग